कंपन का अर्थ (Tremor meaning in Hindi)

Tremor meaning in Hindi है कंपन. इसीलिए,  Tremor का मतलब जानने के लिए हमें कंपन का अर्थ जानना होगा.

जब हमारे हाथ-पाँव अनियंत्रित आगे-पीछे हिलने लगते है, तो हम इसे अंग्रेजी में ट्रेमोर कहते है. काफी लोग हाथ-पांव की कंपन से त्रस्त होते है.

कंपन के दो मुख्य कारण है पार्किंसंस रोग और “एसेंशियल ट्रेमर”. लेकिन कंपन के बाकी कारण भी हो सकते है, जैसे के दवाई के दुष्परिणाम.

आइये, कंपन का मतलब और कंपन के कारण के बारे में बात करे. इस जानकारी के बाद, कंपन के इलाज के बारे में जानकारी पढ़ेंगे.

कंपन का अर्थ (Tremor meaning in Hindi)

आम तोर पे हमारे सारे अंग नियंत्रित तरीके से हिलते है.

जब आप हाथ हिलना चाहते तो, तब आपका दिमाग हाथ को हिलने का संकेत देता है. वहां की मासपेशियां खींचती है. और आपका हाथ हिलता है!

ये नियंत्रित हिलना हर चीज़ के लिए जरूरी है – पानी पीना, खाना खाना, चबाना, बात करना – सब इस नियंत्रित हिलने पर निर्भर होता है.

Tremors meaning in Hindi ट्रेमोर घडी के लंगर की तरह होता है.
कंपन या ट्रेमर का हिंदी में अर्थ है – हाथ-पांव का घडी के लंगर की तरह आगे-पीछे, अनियंत्रित हिलना

पर कभी-कभी, दिमाग का ये काम अनियंत्रित हिलने लगता है. इससे का हाथ या पांव घडी के लंगर (पेंडुलम) की तरह आगे-पीछे हिलने लगता है.

ऐसा दो स्थितियों में हो सकता है:

१) बैठे-बैठे होने वाली कंपन:

इसे आराम-की-कंपन या फिर अंग्रेजी में “Rest Tremor” कहते है. ये अक्सर पार्किंसंस रोग का लक्षण होता है.

२) कुछ काम करते हुए होने वाली कंपन:

जैसे लिखते हुए, या फिर पानी पीते हुए. इसे अंग्रेजी में “कार्य-की-कंपन” या “Action Tremor” कहते है. ये अक्सर “एसेंशियल ट्रेमर” नाम की बीमारी का लक्षण होता है.

तो फिर Tremor meaning in Hindi जानने के लिए, आपको ये दो प्रकार की कंपन याद रखनी पड़ेगी. “आराम-की-कंपन” और “कार्य की कंपन”.

कंपन (Tremor) क्यों होती है? पार्किंसंस रोग और एसेंशियल ट्रेमर के आलावा, कंपन के कारण अनेक है.


कंपन के दो मुख्य कारण (Diseases causing Tremor in Hindi)

अब, बहोत ही जरूरी जानकारी है. ध्यान से पढ़े.

कंपन (Tremor) पैदा करने वाली दो मुख्य बीमारियां है: पार्किंसंस रोग और एसेंशियल ट्रेमर.

पार्किंसंस ट्रेमर का मतलब हिंदी में (Parkinson’s Tremor meaning in Hindi):

पार्किंसंस रोग एक ख़ास तरह की बीमारी है. पार्किंसंस रोग के लक्षण विस्तार में दूसरे लेख में बताये गए है.

मगर पार्किंसंस रोग के लक्षण में संक्षेप में यहाँ पर बताता हूँ:

१. आराम-की-कंपन: पार्किंसंस रोग में ट्रेमर आराम करते समय अधिक होता है. इसलिए इसे आराम-की-कंपन या अंग्रेजी में “Rest Tremor” कहा जाता है.

पार्किंसंस रोग की कंपन शुरू में शरीर के एक तरफ से शुरू होती है. उद्धरण के तोर पे – एक हाथ या फिर एक पाँव में कंपन होने लगती है. कुछ समय बाद, शरीर के बाकी अंग में भी कंपन होने लगती है. जब रोग बढ़ जाता है, तो पुरे शरीर में कंपन हो सकती है.

आइये, Parkinson’s Tremor meaning in Hindi और ऐसी आराम-की-कंपन समझने के लिए का एक वीडियो देखे:

२. धीमापन: मरीज़ का चलना, बात करना, खाना-पीना सभ कुछ धीमा हो जाता है. इन सब की गति बहोत काम हो जाती है.

३. सख्तपन: मरीज़ को एक हाथ या एक पाँव भारी लगने लगता है. मरीज़ को उस हाथ/पैर के जोड़ झुकने के लिए बहुत तकलीफ होती है.

पार्किंसंस रोग के लक्षण काफी है. मेरी राय है के आप इन अन्य लक्षणों के बारे में पढ़े [यहाँ दबाए].

एसेंशियल ट्रेमर का मतलब हिंदी में (Essential Tremor meaning in Hindi):

एसेंशियल ट्रेमर बहुत आम बीमारी है.

एसेंशियल ट्रेमर की बीमारी में, जब मरीज़ कुछ कर रहा है तब उसके हाथ ज़्यादा हिलते है. इस कंपन (ट्रेमर्स) को कार्य-की-कंपन या अंग्रेजी में “Action Tremor” केहते है.

अब इस व्यक्ति को देखिये.

बैठे-बैठे इनके हाथ नहीं हिलते. पर जैसे ही ये कुछ करने जाते है, तो दोनों हाथों कंपन आती है. इसी कंपन को कार्य-की-कंपन या Action-Tremor केहते है.

एसेंशियल ट्रेमर (कंपन) के थोड़े और खास लक्षण होते है.

१. ये शरीर के दोनों बाजु एक साथ शरु होती है.

२. अक्सर आवाज़ भी कांपती है.

३. अक्सर यह माता पिता से बच्चों में अनुवांशिक रूप से आती है.

४. ये कंपन टेंशन, अत्यधिक चाय या कोफ़ी से बढ़ जाती है.

५. अगर आप शराब का सेवन करते है – तो थोड़ी भी शराब पिने के बाद ये कंपन रुक जाती है. थोड़ी देर के लिए!

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थोड़ी सी एल्कोहल लेने से एसेंशियल ट्रेमर की वजह से हाथों का कांपना कम हो सकता है.

शराब पीना तो किसी बीमारी का इलाज नहीं हो सकता!!!

इसलिए हम इन दोनों बिमारियों की दवाइयों के बारे में भी बात करेंगे.


संक्षेप में:

  • अगर आपको आराम-की-कंपन है, तो आपको पार्किंसंस रोग हो सकता है.
  • अगर आपको कार्य-की-कंपन है, तो आपको एसेंशियल ट्रेमर की बीमारी हो सकती है.

इन दो बिमारियों से होने वाली कम्पन का अर्थ मेरे इस वीडियो में भी बताया गया है:

कंपन पैदा करने वाली दवाइयां (Medications causing Tremor in Hindi):

क्या आप जानते है, के थोड़ी दवाइयों से कंपन हो सकती है?

दवाइयों से होने वाली कंपन अक्सर ज़्यादा तीव्र नहीं होती. अक्सर ये दवाइयां कोई बहोत जरूरी कारण के लिए दी जाती है – जैसे के सास की नाली खुली रखना.

इसलिए, इन दवाइयों को डॉक्टर की सलाह बिना बिलकुल बंद ना करे!

Tremor meaning in Hindi जानते जानते, खूद से डॉक्टर का कार्य करने की बड़ी गलती ना करे!

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थोड़ी दवाइयों से कंपन हो सकती है.

 

दवाई का नामआम तोर पे, उसका कार्य
1. वेलप्रोएट (Valproate)खेच आने से रोकता है
2. अलबूटेरोल, सालबुटेमॉल इत्यादि (Albuterol, Salbutamol etc)सांस की नाली को खुला रखती है
3. अमिओडेरोन (Amiodarone)ह्रदय की धड़कन को बरकार रखती है
4. लिथियम (Lithium)मन को शांत रखती है
इत्यादि…..

कंपन (Tremor) पैदा करने वाली बाकी दवाइयों की सूचि आपको यहाँ पे मिल जायेगी [यहाँ दबाए].

ज़्यादा तर मरीज़ो में, डॉक्टर कोई वैकल्पिक (alternative, दूसरी) दवाई  दे सकते है. इससे आपकी कंपन कम हो सकती है.

पर कभी-कभी ऐसा भी होता है, के ये दवाइयां जीवन के जरूरी होती है. ऐसे समय, इनसे होने वाली कंपन थोड़े हद तक सेहेन करनी पड़ती है.

याद रखे – डॉक्टर की अनुमति के बिना इनमे से कोई भी गोली बंद ना करे! ऐसा करने से आपके जीवन को धोखा हो सकता है!

कंपन के असामान्य कारण (Uncommon causes of Tremor in Hindi)

मेरे अनुभव में, लग-भाग ८०% लोगो को ऊपर दिए गए ३ कारणों में से किसी एक कारण से हाथ-पांव की कंपन होती है.

थोड़े लोगो में, असामान्य कारणों से कंपन हो सकती है. यहाँ में थोड़े ऐसे करने की सूचि दे रहा हूँ.

असल में इन नामों की सूचि बहोत लम्बी है, पर ये सभी कारण असामान्य है.

कंपन पैदा करने वाली बीमारी का नाममतलब
1. डिस्टॉनिक कंपन (Dystonic tremor)हाथ-पांव जब जकड के सख्त हो जाते है, तब वह अनियंत्रित हिलने लग सकते है.

थोड़े लोगों को ऐसी कंपन सिर्फ लिखते समय होती है. इसे अंग्रेजी में “Writer’s cramp” केहते है.

2. सेरिबेल्लार कंपन (Cerebellar tremor)सेरिबैलम दिमाग का पीछे वाला हिस्सा है.

अगर सेरिबैलम को कोई तकलीफ होती  है (जैसे के मार, टूमॉर, अत्यधिक दारू) तो इस तरह की कंपन होती है.

4. सायकोजेनिक कंपन (Psychogenic tremor)मन की व्याकुलता से भी कंपन हो सकती है.

इनके आलावा भी कंपन के कई कारन है जैसे के होल्म्स ट्रेमर, नसों से होने वाली कंपन , इत्यादि….. पर में इन सब असामान्य करने के बारे में बात करके आपको confuse  नहीं करना चाहता.

कंपन की जांच

Tremor meaning in Hindi सच में जानने के लिए, इनकी थोड़ी जांच होना जरूरी होता है.

ये हर पेशेंट में अलग होते है. एक छोटी सूचि निचे दी गयी है.

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थोड़े मरीज़ों को कंपन का कारण ढूंढ़ने के लिए काफी जांच-पड़ताल करनी पड़ती है.

थोड़े मरीज़ो में इन जांचो के आलावा और भी जाँच-पड़ताल करनी पड़ती है.

इनमे से कोनसी जाँच-पड़ताल करनी है, ये आपको आपके डॉक्टर आपको बताएँगे.

कंपन की जांच-पड़ताल
1. दिमाग का ऍम-आर-आय (MRI)

2. खून की जांच:

    1. Complete blood count (ब्लड काउंट)
    2. Liver function tests (लिवर टेस्ट्स)
    3. Renal function tests (किडनी टेस्ट्स)
    4. Thyroid hormone levels (थाइरोइड टेस्ट्स)
    5. Parathyroid hormone level (पैराथाइरॉइड टेस्ट्स)
    6. Ceruloplasmin level (ताम्बे के मात्रा)
    7. Eye examination (ताम्बे के लिए आँखों की जाँच)
    8. Ferritin level (लोहे की मात्रा)
    9. HIV (एच-आय-वि)
    10. VDRL (सिफिलिस की टेस्ट)

कंपन का उपचार (Treatment of Tremor in Hindi)

Tremor meaning in Hindi तो आप जान गए. मर कंपन का अर्थ जाने के बाद, क्या उसका उपाय जानना चाहेंगे?

खुशनसीबी की बात है, सभी कंपन की बिमारियों का इलाज होता है.

कंपन का इलाज वह किस बीमारी के कारन है, उस पर निर्भर होता है. निचे दी गयी हुई सूचि पढ़े:

दवाई का नामआम तोर पे, उसका कार्य
1. पार्किंसंस रोगलेवोडोपा और अन्य दवाइयां [और पढ़ने यहाँ दबाए]

और

नए उपचार – डीप-ब्रेन-स्टिमुलेशन [यहाँ दबाए]

2. एसेंशियल ट्रेमरदवाइयां जैसे के प्रोप्रानोलोल और प्रीमिडोन
3. दवाइयों से होने वाली कंपनवैकल्पिक (alternative, दूसरी) दवाई
4. डिटोनिक ट्रेमोरबोटॉक्स नाम की दवाई के छोटे-छोटे इंजेक्शन
इत्यादि…..

संक्षेप में

इन चीज़ों को याद रखे:

  1. Tremor meaning in Hindi है कंपन.
  2. आराम-की-कंपन पार्किंसंस रोग का लक्षण हो सकती है.
  3. कार्य-की-कंपन एसेंशियल ट्रेमर नाम की बीमारी में होती है.
  4. थोड़ी दवाइयों से कंपन हो सकती हैं. इनके बारे में आपके डॉक्टर से बात करे.
  5. सभी तरह की कंपन का इलाज किया जा सकता है.
  6. पार्किंसंस के उपचार(दवाइयां)  और पार्किंसंस रोग नए उपचार जानने के लिए यहाँ दबाए.

 

पार्किंसंस की पूरी जानकारी: एक-एक कर के पढ़े

१. Tremors Meaning in Hindi [ हाथ-पांव की कंपन का मतलब और कारण! ]
२. Parkinson's Meaning in Hindi [ पार्किंसंस रोग का अर्थ ]
३. Parkinson’s symptoms in Hindi [पार्किंसंस रोग के लक्षण]
४. Parkinson's treatment in Hindi [पार्किंसंस का उपचार]
५. Parkinson's new treatment (DBS) in Hindi [पार्किंसंस रोग नए उपचार]
चेतावनी: यह जानकारी केवल शिक्षण के लिए है. निदान और दवाई देना दोनों के लिए उचित डॉक्टर से स्वयं मिले। उचित डॉक्टर से बात किये बिना आपकी दवाइयां ना ही बढ़ाये ना ही बंद करे!!

डॉ सिद्धार्थ खारकर

डॉ  सिद्धार्थ खारकर को "आउटलुक इंडिया" और "इंडिया टुडे" जैसी पत्रिकाओं ने मुंबई के जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट्स में से एक के तोर पे पहचाना है.

डॉक्टर सिद्धार्थ खारकर न्यूरोलॉजिस्ट, मिर्गी  (एपिलेप्सी) विशेषज्ञ और पार्किंसंस विशेषज्ञ है।

उन्होंने भारत, अमेरिका और इंग्लॅण्ड के सर्वोत्तम अस्पतालों में शिक्षण प्राप्त किया है।  विदेश में  कई साल काम करने के बाद, वह भारत लौटे, और अभी मुंबई महरारष्ट्र में बसे है।

डॉक्टर सिद्धार्थ खारकर अंतरराष्ट्रीय पार्किंसंस और मूवमेंट डिसऑर्डर सोसाइटी के एक संशोधन गट के अंतरराष्ट्रीय संचालक है.

फोन 022-4897-1800

ईमेल भेजे

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